परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) में शामिल होना असहज कर सकता है।
क्या यह मदद का प्रयास है या नौकरी खत्म करने की प्रक्रिया? सच दोनों हो सकता है।
आपके अगले फैसले इसी सच पर निर्भर करेंगे।
यह गाइड बताएगी कि PIP क्या है, आपके अधिकार क्या हैं और आपको तुरंत क्या करना चाहिए।

आप अपना PIP दस्तावेज़ पढ़ने, जॉब प्रोफाइल से तुलना करने और शांत जवाब लिखने के लिए Unwildered से Caira से पूछ सकते हैं। Caira को इंग्लैंड और वेल्स के 10,000+ कानूनी दस्तावेजों का समर्थन प्राप्त है।

यूके में परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान क्या है?

परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) एक औपचारिक दस्तावेज है।
नियोक्ता इसका उपयोग काम की कमियां बताने, लक्ष्य तय करने और समीक्षा की अवधि के लिए करते हैं।
यह सब क्षमता प्रक्रिया (capability procedure) के तहत आता है।

नियोक्ताओं पर PIP लागू करने का कोई प्रत्यक्ष नियम नहीं है।
लेकिन, यदि PIP के बाद नौकरी जाती है, तो ट्रिब्यूनल ACAS के नियमों की जांच करता है।
नियम न मानने वाले नियोक्ताओं पर मुआवजा 25% तक बढ़ सकता है।

ACAS के अनुसार, PIP का उपयोग अनौपचारिक प्रयासों के बाद ही होना चाहिए।
बिना किसी चर्चा के सीधे PIP पर डालना प्रक्रियात्मक विफलता हो सकता है।

PIP पर होना कितना गंभीर है?

PIP एक गंभीर कदम है।
यह लिखित लक्ष्यों और असरदार नतीजों के साथ आता है।
यह मैनेजर से सामान्य बातचीत या सलाह की तरह नहीं है।

इसे नियोक्ता की गंभीर चिंता का संकेत मानें।
कई मामलों में, यह बर्खास्तगी से पहले का आखिरी कदम होता है।

फिर भी, कई कर्मचारी इसे सफलतापूर्वक पूरा करते हैं।
जरूरी है कि आप इसे गंभीरता से लें और अपने अधिकारों को समझें।

क्या PIP के बाद नौकरी का जाना तय है?

PIP का मतलब बर्खास्तगी नहीं है, लेकिन खतरा जरूर है।
एम्प्लॉयमेंट राइट्स एक्ट 1996 के तहत, क्षमता की कमी बर्खास्तगी का सही कारण हो सकती है।
सही ढंग से तैयार PIP नियोक्ता के लिए बड़ा प्रमाण होता है।

ट्रिब्यूनल में जीत के लिए नियोक्ता को सही प्रक्रिया, लक्ष्य, भरपूर मदद और समय देना होगा।
इन नियमों का पालन नियोक्ता के पक्ष को मजबूत बनाता है।

इसके विपरीत, बिना लक्ष्य और बिना सहायता वाले PIP के खिलाफ आवाज उठाई जा सकती है।

क्या PIP केवल चुपचाप निकाल देने का तरीका है?

यह कोई कानूनी शब्द नहीं है।
यह वह स्थिति है जहां नियोक्ता काम को इतना कठिन बना देता है कि कर्मचारी खुद इस्तीफा दे दे।
इससे नियोक्ता का खर्च और कानूनी प्रक्रियाएं बच जाती हैं।

PIP वैध भी हो सकता है और झूठा भी। फर्जी PIP के संकेत:

  • असामान्य रूप से ऊंचे और कठिन लक्ष्य तय करना।

  • शामिल काम आपके मूल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर के होना।

  • दस्तावेज़ में लिखे होने के बावजूद कोई मदद या ट्रेनिंग न देना।

  • शिकायत दर्ज कराने या बीमारी की छुट्टी के तुरंत बाद PIP पर रखना।

  • समीक्षा बैठकों को अक्सर रद्द करना या न करना।

  • आपकी जिम्मेदारियों को चुपके से हटाना ताकि आप खुद को साबित न कर सकें।

यदि नियोक्ता का व्यवहार आपसी विश्वास को ठेस पहुंचाता है, तो इस्तीफे का ठोस आधार बनता है।
यह कानूनी मामला है, इस्तीफा देने से पहले सलाह जरूर लें।

क्या आप PIP पर हस्ताक्षर करने से मना कर सकते हैं?

इंग्लैंड और वेल्स में PIP पर दस्तखत करना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है।
लेकिन पूरी तरह मना करना असहयोग माना जा सकता है, जो आपके खिलाफ जा सकता है।

बेहतर तरीका यह है कि आप अपनी लिखित आपत्तियों के साथ हस्ताक्षर करें।
एक छोटा बयान जोड़ें जिसमें यह स्पष्ट हो कि:

  • यह हस्ताक्षर केवल दस्तावेज़ प्राप्ति को स्वीकार करता है।

  • इसका मतलब उठाए गए मुद्दों से सहमत होना नहीं है।

  • आप विशिष्ट बिंदुओं पर असहमत हैं और अपनी बात रखना चाहते हैं।

  • आपके सभी अधिकार सुरक्षित और बहाल रहेंगे।

यह असहयोग का आरोप लगे बिना आपका विरोध दर्ज कराता है। अगर काम कॉन्ट्रैक्ट से बाहर का है, तो लिखित रूप में स्पष्ट करें।

PIP की अवधि कितनी लंबी होती है?

इसकी कोई न्यूनतम या अधिकतम कानूनी सीमा नहीं है।
ACAS मार्गदर्शिका के अनुसार समय सीमा काम की जटिलता पर निर्भर और तर्कसंगत होनी चाहिए।

भूमिका / चिंता का प्रकार

सामान्य अवधि

सरल और सीधा काम

4 से 6 सप्ताह

जटिल भूमिका या कई चिंताएं

8 to 12 सप्ताह

वरिष्ठ अधिकारी या प्रबंधकीय पद

3 से 6 महीने तक

सीनियर पद पर बहुत छोटा PIP (जैसे दो सप्ताह) देना अनुचित प्रक्रिया का संकेत है।
ट्रिब्यूनल हमेशा परिस्थितियों के अनुसार समय की जांच करेगा।

PIP में असफल होने पर क्या होता है?

अवधि समाप्त होने के बाद समीक्षा बैठक होगी, जिसके महत्वपूर्ण नतीजे हो सकते हैं। संभव नतीजे:

  • लक्ष्य पूरा होने पर योजना बंद और आपकी नौकरी पहले की तरह कायम।

  • मामूली सुधार होने पर कुछ और समय मिलना।

  • लापरवाही होने पर औपचारिक चेतावनी मिलना।

  • क्षमता सुनवाई की चेतावनी मिलना, जिसमें बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है।

  • आपसी समझौते का विकल्प, ताकि सम्मान के साथ विदाई हो सके।

एम्प्लॉयमेंट रिलेशंस एक्ट 1999 के तहत, आपको अपने साथ प्रतिनिधि रखने का अधिकार है।
साथ ही फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार भी मिलता है।

क्या इस्तीफा देना PIP पर जाने से बेहतर है?

यह बहुत सामान्य सवाल है।
अनुभवी वकीलों का जवाब हमेशा एक ही होता है: बिना कानूनी सलाह के इस्तीफा न दें।

तुरंत इस्तीफा देने से आप गलत बर्खास्तगी का दावा करने का अधिकार खो देते हैं।
इससे मुआवजे की बातचीत और सरकारी लाभों पर भी असर पड़ता है।

PIP पर बने रहने से आपके अधिकार बचे रहते हैं।
गलत प्रक्रिया होने पर आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं या समझौते की बातचीत कर सकते हैं।

एक्ट 1996 के तहत सेटलमेंट एग्रीमेंट दोनों पक्षों को सम्मानजनक विदाई का मौका देता है।
इस बातचीत को शिकायत के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

अगर नियोक्ता ने जबरन इस्तीफा देने वाले हालात बनाए हैं, तो इस्तीफा दें।
लेकिन ध्यान रहे, यह राह कठिन होती है। पहले कानूनी सलाह जरूर लें।

PIP और मानसिक स्वास्थ्य संकट

यदि निराशा, तनाव या अवसाद के कारण आपका प्रदर्शन गिरा है, तो कानूनी स्थिति पूरी तरह बदल जाती है।

एक्ट 2010 के तहत गंभीर मानसिक बीमारी को दिव्यांगता (disability) माना जाता है।
इसका असर कम से कम 12 महीने तक रहने की आशंका होनी चाहिए।

ऐसी स्थिति में नियोक्ता को कार्यस्थल पर उचित बदलाव (reasonable adjustments) करने होंगे।
ये बदलाव PIP प्रक्रिया पर भी लागू होते हैं। संभावित राहतें:

  • PIP की अवधि को बढ़ाना।

  • मानसिक स्थिति के हिसाब से लक्ष्यों को आसान करना।

  • ऑफिस के तनाव भरे माहौल के बजाय ऑनलाइन मीटिंग करना।

  • अतिरिक्त मेंटरशिप और सहायता देना।

  • प्रदर्शन में आई गिरावट को बीमारी से जोड़कर देखना और सहानुभूति रखना।

बदलाव करने की विफलता पर भेदभाव का मुकदमा किया जा सकता है।
इसके लिए नौकरी की कोई न्यूनतम समय सीमा की जरूरत नहीं होती।
मुआवजे की भी कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

बीमारी गंभीर न होने पर भी नियोक्ताओं को गिरावट के कारण जानने चाहिए।
बीमारी की अनदेखी करना PIP प्रक्रिया को अवैध और गलत साबित कर सकता है।

मदद की जरूरत पड़ने पर संपर्क करें: ACAS (0300 123 1100), Mind (0300 123 3393), Samaritans (116 123)।

PIP और दिव्यागंता: उचित बदलाव के कानूनी नियम

नियोक्ता का दायित्व जानकारी मिलने पर शुरू होता है।
मेडिकल सर्टिफिकेट या लक्षणों से उन्हें जानकारी थी, तो वे अनजान नहीं बन सकते।

बिना बदलाव किए PIP प्रक्रिया लागू करना भेदभाव का आधार बनता है।
इस तरह के मामलों में मिलने वाला मुआवजा असीमित हो सकता है।

अगर बदलाव नहीं किए गए, तो तुरंत लिखित मांग भेजें।
पूछें कि आपके लक्ष्यों और काम के तरीकों को कैसे आसान बनाया जा रहा है।

अगर PIP में वे काम शामिल हैं जो आपके कॉन्ट्रैक्ट में नहीं हैं?

इस पहलू पर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते।
नियोक्ता कभी-कभी वे काम भी जोड़ देते हैं जो आपके कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा नहीं थे।

कॉन्ट्रैक्ट में लचीलेपन वाली सामान्य शर्तें हो सकती हैं।
पर इसका मतलब यह नहीं है कि वे आपका पूरा काम ही बदल दें।

यदि PIP में बाहर के काम शामिल हों, तो:

  • बिना टिप्पणी के हस्ताक्षर बिल्कुल न करें।

  • बाहरी काम की तुलना अपने जॉब प्रोफाइल और मूल कॉन्ट्रैक्ट से करें।

  • लिखित रूप में बताएं कि आप केवल अपने तय कॉन्ट्रैक्ट के लिए ही जवाबदेह हैं।

  • संशोधन न होने पर कंपनी में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।

  • अपने काम का विवरण, मूल कॉन्ट्रैक्ट और प्रशंसा पत्र सुरक्षित रखें।

गलत लक्ष्यों के कारण नौकरी जाना अनुचित बर्खास्तगी का मजबूत प्रमाण होगा।

PIP के दौरान कौन से सबूत एकत्र करें?

PIP मिलने के बाद हर ईमेल और रिकॉर्ड को भविष्य के प्रमाण के रूप में सहेजें।
ये रिकॉर्ड कानूनी लड़ाई या समझौते में आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।

क्या सहेज कर रखें?

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

PIP मूल दस्तावेज और उसके बाद आए संशोधन

तय करता है कि आप पर क्या आरोप थे और क्या लक्ष्य मिले

जॉब प्रोफाइल और वर्क कॉन्ट्रैक्ट

साबित करता है कि लक्ष्य आपके काम के दायरे में थे या बाहर के

पुराने अच्छे रिव्यूज, तारीफ के ईमेल और क्रेडेंशियल

साबित करता है कि आपका पिछला रिकॉर्ड शानदार था

हर समीक्षा बैठक के नोट्स और मीटिंग की तारीख

प्रक्रिया और अधिकारियों के रवैये की निष्पक्षता दिखाता है

मदद और ट्रेनिंग के वादों की हकीकत

यह दिखाता है कि आपको सुधारने के प्रयास हुए या केवल औपचारिकता थी

ट्रेनिंग और मदद मांगने के लिए लिखे गए आपके पत्र

दिखाता है कि आपकी नीयत सुधरने की थी और आपने प्रयास किए

अधिकारियों के आपत्तिजनक संदेश या संकेत

पूर्वाग्रह या सोची-समझी साजिश को उजागर करता है

डॉक्टर की पर्ची, मेडिकल रिपोर्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट

बीमारी और दिव्यांगता के दावों को मजबूत आधार देता है

इन्हें अपने निजी ईमेल या निजी डिवाइस पर सुरक्षित करें।
कंपनी का गोपनीय व्यावसायिक डेटा न लें, पर खुद से जुड़ा रिकॉर्ड रखने का आपका अधिकार है।

क्या PIP रचनात्मक बर्खास्तगी का कारण बन सकता है?

हां, बिल्कुल।
यह तब होता है जब नियोक्ता की प्रताड़ना से दुखी होकर कर्मचारी खुद इस्तीफा दे।

रचनात्मक बर्खास्तगी (constructive dismissal) के उदाहरण:

  • असंभव लक्ष्य तय करना और कोई संसाधन या मदद न देना।

  • PIP के दौरान पुरानी जिम्मेदारियां छीनना ताकि आप विफल हों।

  • पुरानी शिकायत या कानूनी काम के बदले दुर्भावना से PIP थोपना।

  • बाहरी या दूसरे दायरे का काम थोपना जिस पर आप असहमत थे।

  • जानते हुए भी बीमारी या दिव्यांगता के लिए जरूरी राहत न देना।

दावे के लिए आवश्यक सेवा इतिहास और त्वरित इस्तीफा साबित करना जरूरी है।

यह कानूनी प्रक्रिया जटिल होती है, इसलिए इस्तीफा देने से पहले वकीलों से संपर्क अवश्य करें।

क्या PIP के दौरान औपचारिक शिकायत दर्ज करनी चाहिए?

शिकायत दर्ज करने का अधिकार एक कर्मचारी को हमेशा होता है।
आप PIP के दौरान भी नियमों के उल्लंघन पर शिकायत (grievance) लिख सकते हैं।

शिकायत तब दर्ज करें जब:

  • बिना किसी चर्चा या चेतावनी के सीधे कठोर PIP मिला हो।

  • लक्ष्य अतार्किक हों या बाहर के काम थोपे गए हों।

  • PIP में बीमारी, उम्र या लिंग के आधार पर स्पष्ट भेदभाव नजर आए।

  • पुरानी शिकायतों का बदला लेने के इरादे से यह कदम उठाया गया हो।

  • कागजी वादे के बाद नियमों के अनुसार मदद और ट्रेनिंग रोकी गई हो।

यह कदम कानूनी राहत और अदालती प्रक्रिया के लिए आपके रिकॉर्ड स्थापित करता है।

यद्यपि शिकायत के दौरान प्रक्रिया रुकना जरूरी नहीं, पर जिम्मेदार नियोक्ता जांच पूरी होने तक कार्यवाही रोक देते हैं।

स्रोत

  • एम्प्लॉयमेंट राइट्स एक्ट 1996, धारा 98 — बर्खास्तगी के अधिकार।

  • एम्प्लॉयमेंट राइट्स एक्ट 1996, धारा 95 — रचनात्मक बर्खास्तगी।

  • एम्प्लॉयमेंट राइट्स एक्ट 1996, धारा 111A — विदाई समझौता बातचीत।

  • एम्प्लॉयमेंट रिलेशंस एक्ट 1999, धारा 10 — प्रतिनिधि रखने का अधिकार।

  • इक्वालिटी एक्ट 2010, धारा 6 — दिव्यांगता की परिभाषा।

  • इक्वालिटी एक्ट 2010, धारा 20 और 21 — उचित बदलाव के नियम।

  • ACAS अनुशासन और शिकायत निवारण नियमावली।

  • ACAS प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी मार्गदर्शन।

  • GOV.UK, कर्मचारियों की छंटनी और क्षमता प्रक्रिया नियम।

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