प्रियजन को खोना हमेशा कठिन होता है।
उनके कामों को संभालने की जिम्मेदारी भारी लग सकती है।
प्रोबेट एक कानूनी प्रक्रिया है।
यह मृतक की संपत्ति और पैसों का सही प्रबंधन और वितरण सुनिश्चित करती है।
इंग्लैंड और वेल्स में इसके कुछ खास नियम हैं।
इन्हें समझकर आप इस कठिन समय में नियंत्रण महसूस कर सकते हैं।
प्रोबेट की आवश्यकता कब होती है?
प्रोबेट हमेशा जरूरी नहीं होता।
यदि मृतक के नाम पर अकेले कोई बड़ी संपत्ति या बैंक खाता था, तब यह जरूरी है।
साझा संपत्ति (जैसे जॉइंट ओनरशिप वाला घर) सीधे जीवित मालिक को मिलती है।
इसके लिए प्रोबेट की आवश्यकता नहीं हो सकती है।
छोटी संपत्तियों (आमतौर पर £5,000 से कम) को भी इससे छूट मिल सकती है।
हालांकि, यह सीमा हर बैंक के लिए अलग हो सकती है।
इसलिए संबंधित वित्तीय संस्थान से जांच करना ही सही रहता है।
कुछ बैंक विवादों से बचने के लिए कम राशि पर भी प्रोबेट मांग सकते हैं।
प्रोबेट प्रक्रिया: चरण-दर-चरण
मृत्यु का पंजीकरण: स्थानीय रजिस्ट्रार से आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करें। यह आगे के सभी कदमों के लिए आवश्यक है।
वसीयत की खोज: सबसे हालिया वैध वसीयत का पता लगाएं। नामित निष्पादक (एक्जीक्यूटर) ही संपत्ति के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होते हैं। यदि कोई वसीयत नहीं है, तो इसके लिए एक व्यवस्थापक नियुक्त किया जाता है।
संपत्ति का मूल्यांकन: सभी संपत्तियों और ऋणों (लोन, बिल) की सूची बनाएं। यदि मृतक की संपत्ति विदेश में है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है।
प्रोबेट के लिए आवेदन: प्रोबेट रजिस्ट्री में आवेदन जमा करें। इसमें वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र शामिल करें। इसके लिए कानूनी शुल्क भी देना होता है।
विरासत कर का भुगतान: यदि संपत्ति तय सीमा (£325,000) से अधिक है, तो कर देना होगा। प्रोबेट मिलने से पहले इस कर का भुगतान करना जरूरी है।
संपत्ति एकत्र करना: प्रोबेट मिलने के बाद निष्पादक बैंक खाते बंद कर सकते हैं और संपत्ति बेच सकते हैं। साझा संपत्तियां इसका हिस्सा नहीं होती हैं।
कर्ज और खर्चों का निपटान: संपत्ति बांटने से पहले सभी बकाया बिल और कर चुकाएं। निष्पादक को इसका स्पष्ट रिकॉर्ड रखना चाहिए।
संपत्ति का वितरण: सभी कर्ज चुकाने के बाद बची हुई संपत्ति को वसीयत के अनुसार लाभार्थियों में बांट दिया जाता है।
प्रोबेट में कितना समय लगता है?
प्रोबेट की समय-सीमा अनिश्चित हो सकती है।
सरल मामलों में तीन से छह महीने लग सकते हैं।
जटिल मामलों या विवादों के कारण इसमें एक वर्ष या उससे अधिक का समय लग सकता है।
मूल्यांकन में देरी या संपत्ति की बिक्री में देरी इसके मुख्य कारण हैं।
आम गलतियां और उलझनें
अस्पष्ट या पुरानी वसीयत: यदि वसीयत स्पष्ट या अपडेटेड नहीं है, तो विवाद हो सकते हैं।
विदेशी संपत्ति: विदेश में मौजूद संपत्तियों के लिए अलग कानूनी प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।
लापता संपत्ति या कर्ज: इन्हें नजरअंदाज करने से बाद में निष्पादक पर व्यक्तिगत देनदारी आ सकती है।
पारिवारिक विवाद: वसीयत या संपत्ति को लेकर आपसी मतभेद काम को बहुत धीमा कर सकते हैं।
निष्पादक (एक्जीक्यूटर) की जिम्मेदारियां
निष्पादक का कानूनी कर्तव्य संपत्ति और लाभार्थियों के हित में काम करना है।
उन्हें सटीक रिकॉर्ड रखना चाहिए और निष्पक्ष रहना चाहिए।
की गई गलतियों के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
व्यवस्थित रूप से काम करने और स्पष्ट संचार रखने से कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
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अधिक जानकारी के लिए देखें: प्रोबेट में इतना समय क्यों लग रहा है
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह कानूनी सलाह नहीं है।
विस्तृत जानकारी के लिए हमारा गाइड देखें: EHCP निर्णय के खिलाफ अपील: ट्रिब्यूनल प्रक्रिया
इसे भी पढ़ें: प्रोबेट प्रक्रिया की व्याख्या: इंग्लैंड और वेल्स
अन्य समस्याओं के लिए देखें: प्रोबेट संपत्ति बेचना: विपणन, विनिमय और पूर्णता
