कई ब्रिटिश परिवारों के घर ट्रस्ट में होते हैं। अक्सर यह ट्रस्ट किसी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी या बच्चों की सुरक्षा के लिए वसीयत द्वारा बनाया जाता है।
भले ही वर्तमान घर बेचकर छोटा घर लेना (डाउनसाइजिंग) संभव है, पर यह ट्रस्ट के प्रकार और उसके लाभार्थियों पर निर्भर करता है।
इस प्रक्रिया को सरल बनाने और सभी के हितों की रक्षा के लिए इसके चरणों और टैक्स के नियमों को समझना बहुत जरूरी है।
चरण 1: ट्रस्ट के प्रकार को पहचानें
सबसे पहले यह पता लगाएं कि आपका ट्रस्ट किस प्रकार का है। दो सबसे आम प्रकार नीचे दिए गए हैं:
लाइफ इंटरेस्ट (IPDI) ट्रस्ट: इसमें किसी नामित व्यक्ति ('लाइफ टेनेंट') को जीवनभर संपत्ति में रहने या उससे आय प्राप्त करने का अधिकार होता है।
ट्रस्टी संपत्ति के प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर उसे बेचकर नया घर खरीदने के लिए जिम्मेदार होते हैं।डिस्क्रीशनरी (स्वेच्छाधीन) ट्रस्ट: इसमें ट्रस्टियों के पास यह तय करने का अधिकार होता है कि ट्रस्ट से किसे और कब लाभ मिलेगा।
उनके निर्णय ट्रस्ट डीड और ट्रस्ट बनाने वाले की इच्छा-पत्र के अनुसार होने चाहिए।
चरण 2: टैक्स से जुड़े नियमों को समझें
ट्रस्ट के तहत डाउनसाइजिंग करने पर टैक्स से जुड़े कुछ मुख्य पहलू सामने आते हैं:
कैपिटल गेन्स टैक्स (CGT): लाइफ इंटरेस्ट ट्रस्ट में, यदि लाइफ टेनेंट वास्तव में वहां मुख्य घर के रूप में रहता है, तो प्रधान निजी आवास (PPR) छूट मिल सकती है।
यानी बिक्री से होने वाले लाभ पर CGT से छूट मिल सकती है। डिस्क्रीशनरी ट्रस्ट में यह छूट काफी सीमित है, इसलिए सलाह अवश्य लें।स्टैम्प ड्यूटी लैंड टैक्स (SDLT): जब ट्रस्टी नई संपत्ति खरीदते हैं, तो सामान्य खरीद की तरह ही SDLT देना होता है।
यह राशि कीमत और लागू होने वाले अतिरिक्त शुल्कों पर निर्भर करती है।
चरण 3: सही प्रक्रिया का पालन करें
ट्रस्ट डीड को ध्यान से पढ़ें: यह आपकी नियम पुस्तिका है। जांचें कि ट्रस्टियों के पास संपत्ति बेचने और नया घर खरीदने का अधिकार है या नहीं।
यह भी देखें कि क्या इसके लिए किसी अन्य (जैसे लाइफ टेनेंट) की सहमति आवश्यक है।ट्रस्टी के फैसलों का रिकॉर्ड रखें: ट्रस्टियों को बैठक करनी चाहिए और बिक्री व खरीद पर सहमति बनाकर फैसले लिखित में दर्ज करने चाहिए।
मूल्यांकन की प्रतियों को सुरक्षित रखें।नई संपत्ति को सही ढंग से रखें: नया घर लाइफ टेनेंट के नाम पर नहीं, बल्कि ट्रस्टियों के नाम पर खरीदा जाना चाहिए।
टेनेंट के रहने के अधिकार को ट्रस्ट डीड या अलग समझौते में स्पष्ट रूप से दर्ज करें।
उदाहरण: व्यावहारिक रूप से यह कैसे काम करता है
मान लें कि एक विधवा £700,000 मूल्य के ट्रस्ट वाले घर की लाइफ टेनेंट है। वह घर उनके लिए बहुत बड़ा है।
ट्रस्टी उसे £700,000 में बेचकर £500,000 का फ्लैट खरीदते हैं।
बचे £200,000 ट्रस्ट में रहेंगे और उनके लाभ के लिए निवेश किए जाएंगे। फ्लैट में उनका रहने का अधिकार बना रहेगा।
व्यावहारिक सुझाव और सावधानियां
कोई भी कदम उठाने से पहले हमेशा ट्रस्ट डीड की जांच करें। अधिकारों के बाहर काम करने पर लेनदेन को चुनौती दी जा सकती है।
बैठकों के विवरण, मूल्यांकन और लाभार्थियों के साथ हुए पत्र-व्यवहार का लिखित रिकॉर्ड रखें।
डिस्क्रीशनरी ट्रस्ट के मामलों में सभी फैसले ट्रस्ट की शर्तों के अनुसार होने चाहिए और उनका रिकॉर्ड होना अनिवार्य है।
यदि संपत्ति लाइफ टेनेंट का मुख्य घर नहीं होगी, तो PPR छूट नहीं मिलेगी और लाभ पर CGT देना पड़ सकता है।
नया घर खरीदते समय बजट में SDLT को जरूर शामिल करें, क्योंकि यह एक बड़ा खर्च हो सकता है।
मुख्य निष्कर्ष
यदि आप ट्रस्ट डीड का पालन करते हैं, फैसलों को लिखित में रखते हैं और टैक्स छूट पर ध्यान देते हैं, तो डाउनसाइजिंग एक सामान्य प्रक्रिया है।
बेहतर योजना से लाइफ टेनेंट की जरूरतें पूरी की जा सकती हैं और ट्रस्ट की संपत्तियों का सही प्रबंधन हो सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और कानूनी या टैक्स सलाह नहीं है।
हर मामला अलग होता है। नियमों को समझने के लिए समय लें और अपने कागजात अपडेट रखें।
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