यूट्यूब (UK) में ट्रांसजेंडर अधिकारों में काफी बदलाव आया है। अपने कानूनी अधिकार जानना बेहद जरूरी है। चाहे आप ट्रांजिशन कर रहे हों या व्यवसाय चला रहे हों, यह गाइड आपकी पूरी मदद करेगी। इसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और इक्वेलिटी एक्ट की जानकारी दी गई है। साथ ही कानूनी बदलाव की प्रक्रिया और उपयोगी टिप्स भी शामिल हैं।
यह गाइड मौजूदा कानूनों को विस्तार से समझाती है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसलों, इक्वेलिटी एक्ट 2010 और कानूनी लिंग मान्यता की जानकारी है। साथ ही सहायता के लिए व्यावहारिक टिप्स और शब्दावली भी दी गई है।
यूके में नए ट्रांसजेंडर कानून क्या हैं?
मुख्य कानून—इक्वेलिटी एक्ट 2010 और जेंडर रिकॉग्निशन एक्ट 2004 बदले नहीं हैं। लेकिन हालिया अदालती फैसलों ने इनके इस्तेमाल को स्पष्ट कर दिया है। अप्रैल 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने पुष्टि की कि अधिनियम में "सेक्स" का अर्थ जैविक सेक्स है। यह उन लोगों पर भी लागू होता है जिनके पास जेंडर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट (GRC) है। अब यह नियम पूरे यूके में लागू होता है।
यूके में कानूनी रूप से कितने जेंडर हैं?
कानूनी तौर पर यूके केवल दो जेंडर मानता है: पुरुष और महिला। इक्वेलिटी एक्ट इन्हें जन्म के समय जैविक सेक्स के आधार पर परिभाषित करता है। हालांकि, यह कानून "लिंग पुनरुद्धार" (gender reassignment) के तहत भेदभाव से सुरक्षा देता है। गैर-बाइनरी या जेंडर फ्लूइड लोगों को भी सुरक्षा मिलती है। कुछ संगठन समावेशी भाषा का उपयोग करते हैं, पर यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है।
क्या यूके में जेंडर खुद चुन सकते हैं?
आप सामाजिक तौर पर अपना नाम, सर्वनाम और रूप बदल सकते हैं। लेकिन जन्म प्रमाण पत्र या शादी में कानूनी लिंग बदलने के लिए GRC की जरूरत होगी। इसके लिए आवश्यक है:
जेंडर डिस्फोरिया का प्रमाणित मेडिकल प्रमाण
कम से कम दो साल तक नए जेंडर में रहने का सबूत
हमेशा उसी जेंडर में रहने का एक कानूनी शपथ पत्र
आप GRC के बिना भी पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस अपडेट कर सकते हैं। पर इससे सभी कार्यों के लिए आपका कानूनी सेक्स नहीं बदलता।
क्या यूके तीसरे जेंडर को मान्यता देता है?
नहीं, यूके तीसरे जेंडर या गैर-बाइनरी पहचान को कानूनी मान्यता नहीं देता है। सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में फैसला सुनाया था कि पासपोर्ट पर 'X' मार्क देना जरूरी नहीं है। सरकारी दस्तावेजों में अभी भी केवल पुरुष या महिला का विकल्प मिलता है।
कानूनी तौर पर शौचालय का उपयोग
ट्रांसजेंडर लोगों को भेदभाव से सुरक्षा प्राप्त है। आप अपनी जेंडर पहचान से मेल खाने वाले शौचालय का उपयोग कर सकते हैं। परंतु, कोर्ट के 2025 के फैसले के बाद, कुछ पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। सुरक्षा और गोपनीयता हेतु जैविक सेक्स आधारित नियम बनाए जा सकते हैं। फिर भी, सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
ट्रांजिशन होने पर क्या होता है?
चिकित्सीय, सामाजिक और कानूनी बदलाव में अंतर होता है। कानूनी तौर पर यह प्रक्रिया जेंडर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट (GRC) के इर्द-गिर्द घूमती है।
यूके में कानूनी रूप से जेंडर बदलने के लिए जेंडर रिकॉग्निशन पैनल में आवेदन करना होता है। इसके नियम हैं:
उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
विशेषज्ञ डॉक्टर से जेंडर डिस्फोरिया की रिपोर्ट होना जरूरी है।
नए जेंडर में दो साल रहने का प्रमाण देना होगा।
नया जेंडर हमेशा बनाए रखने का एक कानूनी हलफनामा देना होगा।
GRC के लिए सर्जरी या हार्मोनल इलाज अनिवार्य नहीं है। भेदभाव से सुरक्षा पाने के लिए GRC की जरूरत नहीं है। इक्वेलिटी एक्ट 2010 ट्रांजिशन के फैसले के दिन से ही सुरक्षा देता है।
इस प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है, लेकिन 2026 तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।
क्या यूके में ट्रांसजेंडर होना वैध है?
हाँ, बिल्कुल। यूके के कानून में ट्रांसजेंडर होना पूरी तरह वैध और सुरक्षित है।
इक्वेलिटी एक्ट 2010 के तहत लिंग पुनरुद्धार को संरक्षित माना गया है। नियोक्ता, मकान मालिक या स्कूल ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं कर सकते। यह सुरक्षा ट्रांजिशन के हर चरण में मिलती है। चाहे आपने कोई मेडिकल प्रक्रिया करवाई हो या नहीं, आपको समान हक मिलेंगे।
यह कानून नौकरी, शिक्षा, आवास और सेवाओं पर लागू होता है। भेदभाव होने पर आप न्यायाधिकरण या कोर्ट में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अधिकतर मामलों में शिकायत घटना के तीन महीने के भीतर दर्ज करानी होगी।
यूके में ट्रांसजेंडर अधिकारों का इतिहास
यूके में ट्रांसजेंडर अधिकारों और संबंधित कानूनों का विकास कई दशकों में हुआ है:
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
अप्रैल 2025 का सुप्रीम कोर्ट का फैसला (फॉर वीमेन स्कॉटलैंड बनाम स्कॉटिश मिनिस्टर्स) बेहद महत्वपूर्ण है।
इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इक्वेलिटी एक्ट में शब्द "महिला" और "पुरुष" जैविक लिंग को दर्शाते हैं। नतीजतन, जेंडर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट एक्ट के तहत व्यक्ति का जैविक सेक्स नहीं बदलता।
यह फैसला संगठनों को जैविक सेक्स के आधार पर सेवाएं अलग करने की अनुमति देता है। नियोक्ताओं को अब स्पष्टता मिली है, पर उन्हें भेदभाव विरोधी नियमों का पालन करना होगा। कुछ लोग इसे उचित मानते हैं, जबकि एलजीबीटीक्यू+ समूह इसकी आलोचना कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवा और NHS में अधिकार
NHS ट्रांस और गैर-बाइनरी लोगों के साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य बातें:
जेंडर हेल्थकेयर तक पहुंच: आप GP से जेंडर क्लीनिक रेफरल की मांग कर सकते हैं। हालांकि इलाज में देरी हो सकती है, फिर भी आप इसके हकदार हैं।
गोपनीयता और मेडिकल रिकॉर्ड: GRC होने पर NHS आपकी जानकारी बिना अनुमति साझा नहीं कर सकता। ऐसा करना अपराध है। आप रिकॉर्ड में अपना चुना हुआ नाम दर्ज करवा सकते हैं।
अस्पताल के वार्ड: आपको आपके जेंडर से मेल खाने वाले वार्ड में जगह मिलनी चाहिए। सुरक्षा कारणों से कभी-कभी निजी कमरा भी दिया जा सकता है।
अधिकारों के उल्लंघन पर क्या करें:
गलत व्यवहार या गोपनीयता भंग होने पर आप NHS ट्रस्ट या PALS से शिकायत कर सकते हैं। सभी घटनाओं का लिखित रिकॉर्ड रखें।
सामाजिक देखभाल और पारिवारिक सहायता
स्थानीय परिषदों को आपकी जेंडर पहचान का सम्मान करना होगा। आपको ये अधिकार प्राप्त हैं:
कल्याण सिद्धांत: केयर होम या अन्य सामाजिक सेवाओं में आपके चुने हुए नाम और पहचान का पूरा सम्मान होना चाहिए।
सुरक्षा का कर्तव्य: प्रशासन का काम आपको नुकसान से बचाना और आपकी पहचान का समर्थन करना है, ट्रांजिशन रोकना नहीं।
स्कूलों में सहायता: स्कूल बच्चों को डराने-धमकाने से बचाएं। ट्रांस छात्रों को स्कूल की गतिविधियों में शामिल होने के लिए उचित माहौल दें।
अधिकारों के उल्लंघन पर क्या करें:
स्कूल या सामाजिक सेवाओं में भेदभाव होने पर शिकायत दर्ज कराएं। घटनाओं की तारीख नोट करें और जरूरत पड़ने पर मदद लें।
भेदभाव होने पर क्या करें: व्यावहारिक सुझाव
रिकॉर्ड रखें: ईमेल, पत्र और बातचीत को सुरक्षित रखें।
जल्दी एक्शन लें: अमूमन तीन महीने के भीतर शिकायत दर्ज करना जरूरी होता है।
ACAS से संपर्क करें: नौकरी के विवादों के समाधान के लिए ACAS की सलाह लें।
कोर्ट का रुख करें: आप ट्रिब्यूनल या कोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं।
मदद लें: यूनियन, सहायता समूह और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं भावनात्मक सहारा दे सकती हैं।
यूके में ट्रांसजेंडर अधिकारों का इतिहास
यूके में कानून और ट्रांसजेंडर अधिकार इस प्रकार विकसित हुए हैं:
वर्ष | महत्वपूर्ण पड़ाव | विवरण |
|---|---|---|
2004 | जेंडर रिकॉग्निशन एक्ट | इसके तहत लोगों को GRC प्राप्त कर नया जन्म प्रमाण पत्र लेने की अनुमति मिली। |
2010 | इक्वेलिटी एक्ट पारित | भेदभाव विरोधी कानूनों को मजबूत किया गया, जिसके तहत 'लिंग पुनरुद्धार' को सुरक्षा मिली। |
2018 | GRA सुधार विचार-विमर्श | प्रक्रिया सुधार हेतु सलाह मांगी गई, पर कोई कानूनी बदलाव नहीं हुआ। |
2021 | पासपोर्ट पर फैसला | कोर्ट ने 'X' मार्क वाले पासपोर्ट देने से मना किया। गैर-बाइनरी पहचान को मान्यता नहीं मिली। |
2023 | स्कॉटिश बिल रुका | ब्रिटेन सरकार ने धारा 35 का उपयोग कर स्कॉटलैंड के सुधार कानून को रोक दिया। |
2025 | सुप्रीम कोर्ट का निर्णय | कोर्ट ने साफ किया कि 'सेक्स' का मतलब जन्म के समय का जैविक लिंग ही है। |
शब्दावली
जेंडर रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट (GRC): वह वैधानिक दस्तावेज जो सरकारी रिकॉर्ड में लिंग बदलने की अनुमति देता है।
कार्यस्थल से संबंधित जानकारी के लिए हमारा कार्यस्थल पर गलत जेंडर संबोधन और भेदभाव गाइड देखें।
जेंडर रीअसाइनमेंट: इक्वेलिटी एक्ट 2010 के तहत एक सुरक्षित विशेषता, जो ट्रांजिशन प्रक्रिया से गुजर रहे लोगों को सुरक्षा देती है।
सिंगल-सेक्स सर्विस: केवल महिला या पुरुष तक सीमित सेवा, जिसे विशेष परिस्थितियों में वैध माना गया है।
संरक्षित विशेषता (Protected characteristic): इक्वेलिटी एक्ट 2010 की वह श्रेणी जिसके आधार पर भेदभाव करना कानूनन अपराध है।
धारा 35 आदेश (Section 35 order): वह कानून जो सरकार को स्कॉटिश संसद के फैसलों पर रोक लगाने की शक्ति देता है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी है। इसे कानूनी, वित्तीय या चिकित्सीय सलाह न माना जाए।
