ब्रिटेन सरकार अप्रैल 2028 से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) के लिए "पे-पर-माइल" टैक्स शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह सड़क उपयोग पर लगने वाले टैक्स में एक बड़ा बदलाव है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने से घटने वाले ईंधन टैक्स (फ्यूल ड्यूटी) के राजस्व की भरपाई करना है। यहाँ इसकी पूरी जानकारी दी गई है।

वाहन का प्रकार

पे-पर-माइल टैक्स दर

VED के दायरे में

पंप पर ईंधन टैक्स

खास बातें

पूरी तरह इलेक्ट्रिक (EV)

3 पैसे प्रति मील

हाँ

नहीं

नए टैक्स का मुख्य उद्देश्य

प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV)

1.5 पैसे प्रति मील

हाँ

हाँ (ईंधन उपयोग पर)

कम दर क्योंकि ईंधन का आंशिक उपयोग होता है

माइल्ड हाइब्रिड (MHEV)

नहीं

हाँ

हाँ

पे-पर-माइल योजना में शामिल नहीं

रेंज एक्सटेंडर EV

संभावित 1.5 पैसे प्रति मील

हाँ

हाँ (ईंधन उपयोग पर)

PHEVs की तरह ही माना जाएगा

पेट्रोल/डीजल (ICE)

नहीं

हाँ

हाँ

पंप पर ईंधन टैक्स देना जारी रखेंगे

  • eVED दरों को साल 2029-30 से हर साल महंगाई (CPI) के अनुसार बढ़ाया जाएगा।

  • इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए VED महंगी कार सप्लीमेंट सीमा अप्रैल 2028 से बढ़कर £50,000 हो जाएगी।

  • शून्य-उत्सर्जन कारों के लिए पहले साल की VED दर कम से कम 2029-30 तक £10 ही रहेगी।

ब्रिटेन इलेक्ट्रिक कारों के लिए पे-पर-माइल टैक्स क्यों ला रहा है?

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता से ईंधन टैक्स में भारी गिरावट आ रही है, जो सड़कों के रख-रखाव के लिए जरूरी है। नया पे-पर-माइल सिस्टम यह तय करेगा कि सभी ड्राइवर बराबर योगदान दें। साल 2030 तक, पांच में से एक कार ड्राइवर कोई ईंधन टैक्स नहीं देगा। इसलिए eVED सार्वजनिक खजाने की रक्षा करने में मदद करता है।

क्या इलेक्ट्रिक कारों पर प्रति मील टैक्स लगेगा?

हाँ। अप्रैल 2028 से, पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कारों पर 3 पैसे प्रति मील का शुल्क लगेगा। प्लग-इन हाइब्रिड भी इसमें शामिल होंगे, लेकिन उन पर लगभग 1.5 पैसे प्रति मील की कम दर लागू होगी। यह उनके आंशिक पेट्रोल या डीजल के उपयोग को दर्शाता है, जिस पर पहले से ही टैक्स लगता है।
माइल्ड हाइब्रिड मुख्य रूप से पेट्रोल या डीजल पर चलते हैं। उन्हें इस चरण में योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।

पे-पर-माइल टैक्स प्रणाली कैसे काम करेगी?

यह व्यवस्था ईमानदारी पर आधारित होगी और इसमें किसी तरह की जीपीएस ट्रैकिंग का उपयोग नहीं होगा। यह इस तरह काम करेगी:

  • स्व-घोषणा: हर साल वाहन उत्पाद शुल्क (VED) देते समय चालक साल भर चलने वाले संभावित मील का अनुमान लगाएंगे।

  • भुगतान: इसी अनुमान के आधार पर प्रति-मील शुल्क का भुगतान पहले या मासिक किस्तों में किया जाएगा।

  • समायोजन: यदि कार अनुमान से कम चली, तो अगले वर्ष क्रेडिट मिलेगा। यदि कार अधिक चली, तो अंतर राशि का भुगतान करना होगा।

  • ऑडिटिंग: मील की जांच MOT ओडोमीटर रीडिंग या तीन साल से कम पुरानी कारों के लिए मान्यता प्राप्त केंद्रों पर की जाएगी (यह मुफ्त होगा)।

  • लचीलापन: यदि साल के दौरान परिस्थितियां बदलती हैं (जैसे बीमारी या नौकरी बदलना), तो आप DVLA को सूचित कर भुगतान बदलवा सकते हैं।

Explainer card for EV pay per mile tax, including hybrids and range extenders: Start date, Vehicle type, Cost.

क्या हाइब्रिड कारों पर प्रति मील शुल्क लगेगा?

प्लग्ड-इन हाइब्रिड (PHEVs) पर शुल्क लगेगा, लेकिन इलेक्ट्रिक कारों से कम। माइल्ड हाइब्रिड इसमें शामिल नहीं हैं क्योंकि वे पंप पर ही ईंधन टैक्स देते हैं।

औसत चालक का इस पर कितना खर्च आएगा?

एक सामान्य EV ड्राइवर जो साल में 10,000 मील चलता है, उसका वार्षिक टैक्स लगभग £495 होगा। इसमें £300 मील के हिसाब से और £195 VED शुल्क होगा। यह पेट्रोल और डीजल चालकों द्वारा दिए जाने वाले ईंधन टैक्स का लगभग आधा है।
महंगाई के साथ दरें हर साल बढ़ेंगी।

इस प्रणाली को कैसे लागू किया जाएगा?

सरकार मील की जांच के लिए MOT जैसी मौजूदा प्रणालियों का उपयोग करेगी। नई कारों के लिए पहले तीन वर्षों के दौरान मान्यता प्राप्त केंद्रों पर जांच आवश्यक होगी। जीपीएस ट्रैकिंग की कोई योजना नहीं है। ओडोमीटर से छेड़छाड़ रोकने के लिए जांच की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर VED की तरह ही जुर्माना लगाया जाएगा। यदि अनुमान से कम कार चली तो पैसे आगे जुड़ जाएंगे; ज्यादा चलने पर भुगतान करना होगा।

यदि आप अपनी कार बेचते हैं, तो चुकाया हुआ माइलेज वाहन के साथ ट्रांसफर हो जाएगा। यदि आप कार कबाड़ में देते हैं, तो निपटारे के लिए अंतिम रीडिंग आवश्यक होगी।

इसके पक्ष और विपक्ष में क्या तर्क हैं?

समर्थकों का कहना है कि सड़क के रख-रखाव के लिए सभी का योगदान देना सही है, विशेष रूप से जब EV का चलन बढ़ रहा है।
विरोधियों को डर है कि अतिरिक्त लागत से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जाने की रफ्तार धीमी हो सकती है, जबकि सरकार इसे बढ़ावा दे रही है।
सरकार EV बुनियादी ढांचे के लिए अनुदान और चार्जिंग पॉइंट पर £3.6 अरब निवेश कर रही है। शुरुआती eVED राजस्व का अधिकांश हिस्सा सुधार कार्यों में लगाया जाएगा।

अभी भी कौन से सवाल बने हुए हैं?

  • क्या दरें महंगाई के साथ बढ़ेंगी? हाँ, वर्ष 2029-30 से।

  • नई कारों (जिन्हें तीन साल तक MOT की जरूरत नहीं होती) के मील का पता कैसे लगेगा? मान्यता प्राप्त प्रणालियों पर इसकी जांच होगी।

  • क्या भविष्य में यह योजना सभी वाहनों पर लागू हो सकती है? अभी केवल कारें शामिल हैं; अन्य वाहनों पर बाद में विचार हो सकता है।

  • सार्वजनिक चार्जिंग पर पहले से वैट (VAT) देने वाले चालकों का क्या होगा? कोई बदलाव नहीं; eVED ऊर्जा टैक्स से अलग है।

निष्कर्ष

इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों पर पे-पर-माइल टैक्स यूके के चालकों के भुगतान के तरीके को बदल देगा। टैक्स योजना 2028 से शुरू होने की उम्मीद है। चालकों के पास यह सोचने का समय है कि निर्णय उन पर क्या असर डालेगा। सरकार eVED के डिजाइन पर लोगों के विचार मांग रही है। हमेशा की तरह, बारीक विवरण ही सबसे महत्वपूर्ण हैं, इसलिए आगे की सूचनाओं पर नजर रखें।

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