1. पीड़ितों और परिवारों के लिए कर में बड़ी राहत
चांसलर ने घोषणा की है कि संक्रमित रक्त मुआवजा योजना के तहत मिलने वाली राशि पर अब कोई विरासत कर (इनहेरिटेंस टैक्स) नहीं लगेगा।
यह छूट हर हाल में लागू होगी।
चाहे आप खुद संक्रमित हों, दिवंगत के साथी हों, या संपत्ति के वारिस हों, इस राशि पर कोई कर नहीं काटा जाएगा।
इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी कि आपका पूरा मुआवजा आपके अपनों को मिलेगा।
यह फैसला पीड़ितों के साथ हुए अन्याय को स्वीकार करता है।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि जरूरत के समय मुआवजे की राशि कर के कारण कम न हो।
अब आप निश्चिंत होकर अपनी वसीयत बना सकते हैं।
2. पात्रता और दावा करने का तरीका
संक्रमित रक्त मुआवजा योजना के लिए पात्रता का दायरा बहुत बड़ा है।
यदि आप दूषित रक्त या रक्त उत्पादों से एचआईवी या हेपेटाइटिस से संक्रमित हुए हैं, तो आप दावा कर सकते हैं।
संक्रमित व्यक्ति के पार्टनर या उनके साथ रहने वाले लोग भी इसके हकदार हैं।
मृतकों के वारिस भी जीवित व्यक्ति के समान ही मुआवजा पाने के हकदार हैं।
दावा शुरू करने के लिए ये कदम उठाएं:
संक्रमित रक्त मुआवजा प्राधिकरण (IBCA) के पास दावा करने की अपनी इच्छा दर्ज कराएं।
अपने संक्रमण या संक्रमित व्यक्ति से अपने संबंध के सबूत जुटाएं।
यदि आप वारिस के रूप में दावा कर रहे हैं, तो जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
गंभीर रूप से बीमार लोगों के दावों को प्राथमिकता दी जाएगी।
यदि आप संक्रमित भी हैं और प्रभावित भी, तो आप दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग दावा कर सकते हैं।
3. मुआवजे का अनुमान और चुकाया गया विरासत कर
दावा करने से पहले आप IBCA के मुआवजा कैलकुलेटर से संभावित राशि का अनुमान लगा सकते हैं।
यह टूल आपके संक्रमण, उसकी गंभीरता और व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर काम करता है।
आपके क्लेम मैनेजर भी इस प्रक्रिया में आपका मार्गदर्शन करेंगे।
यदि मुआवजे पर विरासत कर पहले ही चुकाया जा चुका है:
तुरंत HMRC से संपर्क करें।
उन्हें बताएं कि यह भुगतान संक्रमित रक्त मुआवजा योजना से था और अब कर-मुक्त है।
HMRC अधिक भुगतान किए गए कर को वापस कर देगा।
इसके लिए आपको भुगतान का प्रमाण देना पड़ सकता है।
अपने आवेदन के साथ एक पत्र भेजें और सभी दस्तावेजों की प्रतियां संभालकर रखें।
4. आपके मुआवजे की राशि कैसे तय होती है
मुआवजे की राशि कई श्रेणियों के नुकसान को ध्यान में रखकर तय की जाती है, जैसे:
शारीरिक-मानसिक क्षति: शारीरिक और मानसिक पीड़ा और भावनात्मक परेशानी के लिए।
सामाजिक प्रभाव: सामाजिक उपेक्षा या अकेलेपन के दर्द के लिए।
निर्णय लेने की स्वतंत्रता का नुकसान: पारिवारिक नियोजन या चिकित्सा सहमति से जुड़े फैसलों पर पड़े असर के लिए।
देखभाल (केयर): बीमारी के कारण मदद की जरूरत पड़ने पर। आप चाहें तो यह राशि अपनी देखभाल करने वाले को दे सकते हैं।
आर्थिक नुकसान: नौकरी छूटने, काम करने की क्षमता घटने या परिवार के भरण-पोषण में आई बाधा के लिए।

आपको मिलने वाली राशि संक्रमण की गंभीरता और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
अगर आपको लगता है कि आपका नुकसान तय राशि से ज्यादा है, तो आप पूरक मार्ग (सप्लीमेंट्री रूट) से अतिरिक्त राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं।
5. मुआवजा सौंपना: परिवार का सुरक्षित भविष्य
इस नई छूट की सबसे अच्छी बात यह है कि मुआवजे की राशि आपके बच्चों या साथी को बिना किसी टैक्स के मिल सकती है।
आप यह पैसा अपने जीवनकाल में उपहार के रूप में दें या वसीयत के जरिए, इस पर कोई कर नहीं लगेगा।
यदि आकलन पूरा होने से पहले लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो परिवार शेष राशि के लिए दावा कर सकता है।
जरूरी कदम:
अपनी वसीयत को अपडेट करें और उसमें मुआवजे की जानकारी शामिल करें।
अपने वसीयत निष्पादक (एग्जीक्यूटर) और परिजनों को इस कर छूट के बारे में बताएं।
मुआवजे के सभी दस्तावेज और IBCA या HMRC के पत्रों को सुरक्षित रखें।
6. ज्यादा से ज्यादा लाभ कैसे लें: अभी करें ये काम
अपने मुआवजे का पूरा लाभ उठाने और परिवार को सुरक्षित करने के लिए:
दावा करने की अपनी इच्छा जल्द से जल्द दर्ज कराएं।
मुआवजे की गणना के लिए IBCA कैलकुलेटर का उपयोग करें।
यदि पहले से विरासत कर चुका दिया है, तो HMRC से रिफंड मांगें।
तय करें कि मुआवजा एकमुश्त चाहिए या नियमित किस्तों में। दोनों ही पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं।
परिवार से चर्चा करें और अपनी इच्छा के अनुसार वसीयत अपडेट करें।
किसी भी संशय की स्थिति में, आपके क्लेम मैनेजर आपकी पूरी मदद करेंगे।
7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या टैक्स छूट सभी मुआवजा भुगतानों पर लागू है?
हाँ, इस योजना के तहत मिलने वाले सभी भुगतानों पर कोई विरासत कर नहीं लगेगा।
यदि मुझे अंतरिम (इंटरिम) भुगतान पहले ही मिल चुका है तो?
अंतरिम भुगतान भी टैक्स-फ्री हैं। यदि इस पर कर काटा गया था, तो आप HMRC से रिफंड ले सकते हैं।
क्या इससे मेरे सरकारी लाभों पर असर पड़ेगा?
नहीं, इस मुआवजे से आपकी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं या सरकारी लाभों पर कोई असर नहीं पड़ेगा दृष्टिकोण।
मैं HMRC को पैसों के स्रोत का प्रमाण कैसे दूं?
IBCA के सारे दस्तावेज और पत्र संभालकर रखें। रिफंड क्लेम करते समय इन्हें आवेदन के साथ अटैच करें।
अगर मैं जीवनकाल में ही यह पैसा उपहार में देना चाहूं तो?
आप बिना किसी टैक्स के यह पैसा उपहार में दे सकते हैं। उपहारों का रिकॉर्ड रखें और अपनों को टैक्स छूट की जानकारी दें।
8. निष्कर्ष
मुआवजे को विरासत कर से मुक्त करना पीड़ितों को न्याय दिलाने और उनके परिवारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अपनी पात्रता समझकर, मुआवजे का आकलन कर और सही रिकॉर्ड रखकर आप अपना पूरा हक पा सकते हैं।
यदि आपने पहले टैक्स चुकाया है, तो रिफंड के लिए तुरंत आवेदन करें।
अधिक सहायता के लिए आपका क्लेम मैनेजर और IBCA रिसोर्स हमेशा उपलब्ध हैं।
